मेरान्यूज नेटवर्क.राजकोट:  महिलाएं मल्टीटास्किंग हैं, उन्हें सशक्तिकरण की भी आवश्यकता नहीं है, यह बात राजकोट की एक महिलाने साबित कर दी है। किसी महिला ने जो कभी सोचा नहीं था ऐसे क्षेत्रमें सौराष्ट्रमें सबसे पहले राजकोट की अंजुबेन पाउ ने बहुत कम समयमें बड़ी सफलता भी हासिल कर ली है। लॉन्ड्री के बिज़नेस में ज्यादातर पुरुष काम करते हे। लेकिन अंजू नामक इस महिलाने यह बिजनेस शुरु कर वुमन एन्पावरमेन्ट को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।

अंजूने चार महीने पहले १ अक्टूबर २०१८ को पिकअप माय लॉन्ड्री का प्लान्ट शुरू किया था। अंजू की टीम शहरमें हर जगह डोर टु डोर जाकर कस्टमर के पास से कपडे कलेक्ट करते बादमे कपडे वॉशिंग करके स्टीम प्रेस करके वापस देते हे। इस प्लान्ट का सफलता पूर्वक संचालन करते हुए अंजू ने एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया हे।अंजू पाउ ने आज से ४ मॉस पहले ५ महिला की टीम के साथ ५ कस्टमर से यह बिज़नेस शुरू किया था और आज ४ मासमे एक अच्छी प्रसिद्धि हासिल की हे। आजअंजू के साथ २५ महिला और करीबन ५०० जितने कस्टमर हे। 

राजकोट के शापर GIDC इलाकेमें कई सारी महिलाए मजदूरी का काम करती हे। सभी महिलाओ को अच्छी तनख्वाह मिले इसके लिए अंजू ने यह प्लांट शुरू किया हे। यहां पर काम करती सभी महिलाओ को रु १२००० तनख्वाह दी जा रही हे। इस जगह पर सभी महिलाए काम करती हे तो एक सेफ्टी का अनुभव होता हे। और घरमे करते हुए काम की तरह ही यहाँ काम करने का आनंद भी महसूस कर रही हे।

अंजूने पहले गुजरात के अहमदाबाद और बड़ोदा में इस काम की तालीम ली थी। बादमे शापर GIDC इलाके में पिकअप माय लॉन्ड्री का प्लान्ट शुरू किया। हाल ही में इस प्लांट में ३० किलो से लेकर ७० किलो की वॉशिंग मशीनरी कार्यरत हे। और आने वाले कुछ ही दिनों में इस से आधुनिक मशीनरी लाकर बिज़नेस को आगे बढ़ाया जायेगा। अंजू का सपना हे की वह इस बिज़नेस को आगे ले जायेगी और ज्यादा से ज्यादा महिलाओ को रोजगार देकर समाज में एक नया उदाहरण प्रस्तुत करेगी।