मेरान्यूज नेटवर्क.जामनगर : आनेवाले एक दो दिनमें चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनावों की तारीख़ की घोषणा की जानेवाली है। जिसके चलते भाजपा और कोंग्रेस द्वारा देशभर की सीटों के लिए योग्य उमीदवारों को ढूंढने की गतिविधि तेज कर दी गई है। ऐसेमें पास संयोजक हार्दिक पटेल  को कोंग्रेस द्वारा जामनगर सीट के लिए चुने जाने की जानकारी राजकीय सुत्रोंसे मिल रही है। इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो गुजरात के प्रदेश कोंग्रेस प्रभारी राजीव सातव, प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा और प्रतिपक्ष नेता परेश धानानी द्वारा इस मामले को लेकर दिल्हीमें कोंग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक भी हो चुकी है।

जामनगर लोकसभा सीटों का लेखाजोखा

जामनगर लोकसभा सीटों की बात करे तो यहां सालो तक पाटीदार उमीदवार का प्रभुत्व रह चुका है। हालांकि पिछली तीन टर्म से आहिर समाज के उमीदवारो ने जीत दर्ज करवाई है। जिसमे दो टर्ममें कोंग्रेस पक्ष के उमीदवार  विक्रम माडम और पिछली टर्म (2014) में भाजप की महिला उमीदवार और विक्रम माडम की भतीजी पुनमबेन माडम लगभग दो लाख मतों से विजयी हुए है।

पिछले चुनावों में भाजपा-कोंग्रेस का प्रदर्शन

बतादे कि, पिछले विधानसभा चुनावों में कोंग्रेस का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। और कुल सात सीटोमें से जिस पर पाटीदार समाज का प्रभुत्व है ऐसी जामनगर ग्राम्य, कालावाड़, खंभालिया और जामजोधपुर समेत 4 सीटों पर कोंग्रेस के उमीदवारों को विजय मिला है। जबकि भाजपा को सिर्फ 3 सीटों से संतुष्ट होना पड़ा था। यानि कि अभी यहां का राजकीय हवामान कोंग्रेस तरफी दिखाई दे रहा है। 
हार्दिक पटेल की पसंद जामनगर हीं क्यों है ?
1. सौराष्ट्र की एकमात्र ऐसी सीट जहां विरोधी उमीदवार पाटीदार नहीं है। 

2. लोकसभा की कुल सात में से चार सीटे और जिला पंचायत पर कोंग्रेस का शासन है। 

3. हार्दिक कड़वा पाटीदार समाज से आते है। जिसका मुख्य स्थानक सिदसर जामनगर जिलेमें स्थित है।

4. इस क्षेत्रमें कोंग्रेस के उमीदवार विक्रम माडम का अच्छा वर्चस्व है। और वह लोकसभा चुनाव लड़ने का इन्कार कर चुके है।

5. सूत्रों की माने तो हार्दिक पटेल को विक्रम माडम का अच्छा समर्थन है।

6. विक्रम माडम विरोधी पार्टी के नेता के चाचा है, ऐसे में विरोधी उमीदवार का डर कम हो जाता है।

क्या हो सकता है भाजपा का मास्टर स्ट्रोक

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की जामनगर मुलाकात के ठीक एकदिन पहले क्रिकेटर रविन्द्र जडेजा की पत्नी रिवाबा भाजपा में शामिल हुई है। भाजपा का मास्टर स्ट्रोक यह हो सकता है कि हार्दिक पटेल के सामने पूनम माडम के बजाय रिवाबा को खड़ा किया जाए। क्योंकि रिवाबा न सिर्फ एक सेलिब्रिटी की पत्नी है, बल्कि एक साफ छबि वाली नेता है। और तमाम समाज के लोगो पर उनका अच्छा प्रभाव भी है। रिवाबा को लाने से विक्रम माडम फेक्टर से होनेवाला नुकसान कम होना भी निश्चित है।

हार्दिकने महीनों से इसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।

हालांकि आधारभूत सूत्रों की माने तो हार्दिकने महीनों  से ही इसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना लिया था। जिसके चलते पिछले सिर्फ दो-तीन महीनों से हार्दिक पटेल द्वारा जामनगर ज़िले में कईबार किसान अधिकार संमेलन का आयोजन किया गया है। यहां के कई किसानों से हार्दिक बारबार मुलाकात भी कर चुके है। और पाटीदार फेक्टर के साथ ही भाजपा से असंतुष्ट किसानों का विश्वास जितने का प्रयास हार्दिक पटेलने किया है। जिसमे कुछ हद तक वह सफल भी रह चुके है। लेकिन अगर भाजपा द्वारा रिवाबा को टिकट दी जाती है तो हार्दिक पटेल की मुश्किलें बढ़ सकती है।