टोयोटा-सुजुकी मिलकर क्रॉस बैजिंग कारे बनाने को लेकर समझौता कर चुकी हैं। मगर, ये करार सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियों की भविष्य में साथ मिलकर कुछ नई कारें तैयार करने की भी योजना है। मार्च 2019 में टोयोटा-सुजुकी ने सी सेगमेंट के लिए नई एमपीवी कार तैयार करने की घोषणा की थी। एक न्यूज रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस करार के तहत तैयार होने वाली नई एमपीवी साल 2022 तक लॉन्च होगी। उम्मीद है कि साल 2022 में आयोजित होने जा रहे ऑटो एक्सपो में इसे पेश किया जा सकता है।

माना जा रहा है कि टोयोटा-सुजुकी की ये नई एमपीवी कार महिंद्रा मराजो जैसी होगी। इसे मारुति और टोयोटा कारों के लाइनअप में अर्टिगा और इनोवा क्रिस्टा के बीच में रखा जाएगा। भारतीय बाजार के लिहाज से इस नई कार को तैयार करने में टोयोटा अपनी क्षमता और सुजुकी अपने तजुर्बे का कौशल दिखाएगी।

ये भी माना जा रहा है कि इस अपकमिंग एमपीवी को मारुति अर्टिगा की तरह लैडर फ्रेम चेसिस प्लेटफॉर्म के बजाए मोनोकॉक प्लेटफॉर्म पर तैयार किया जा सकता है। लैडर फ्रेम चेसिस पर तैयार की जा चुकी कारों में इनोवा क्रिस्टा और महिंद्रा मराजो शामिल है। मोनोकॉक प्लेटफॉर्म पर तैयार की जाने वाली गाड़ियों की निर्माण लागत ज्यादा आती है। मगर, लैडर फ्रेम चेसिस प्लेटफॉर्म के मुकाबले मोनोकॉक प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई कारों का वजन काफी हल्का होता है। हल्के वजन के कारण इन कारों में ईंधन की खपत भी कम होती है। उम्मीद की जा रही है कि टोयोटा और सुजुकी इस एमपीवी के साथ माइल्ड-हाइब्रिड वर्जन भी पेश कर सकती है।

इस नई एमपीवी को दुनिया में पेश किए जाने के लिए 3 साल का लंबा वक्त पड़ा है। मगर एक बात तो तय है कि मौजूदा समय में कंपनी इस कार को विकसित करने में लगी है। आमतौर पर किसी भी कार के कॉन्सेप्ट मॉडल को प्रॉडक्शन मॉडल का रूप लेने में तीन साल का समय लग ही जाता है। टोयोटा-सुजुकी के बीच हुए करार के तहत यह पहली कार हो सकती है जिसके बारे में धीरे-धीरे जानकारियां सामने आती रहेंगी।

Source: CarDekho