मेरान्यूज नेटवर्क.जामनगर : भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा भाजपा से जुड़ गई है। रविवार को कृषिमंत्री आर. सी. फलदू द्वारा केसरिया खेस पहन के उन्होंने विधिवत भाजप प्रवेश की घोषणा की थी। इस मौके पर मिडिया के साथ कि गई बातचीत  में रिवाबाने कहा था कि, प्रधानमंत्री मोदीसे मुलाकात के बाद उनकी कार्यप्रणाली और सादगी से प्रभावित होकर मैने भाजपा से जुड़ने का निर्णय किया है।

बकौल रिवाबा रविन्द्र और परिवार की सहमति के बाद ही मैने यह फैसला लिया है। नवम्बर में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हुई थी। तब में उनकी सादगी से प्रभावित हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने युवा प्रतिभा के तौर पर लोकसेवा के लिए आगे आने का सूचन किया था। हालांकि लोकसभा चुनाव लड़ने के बारेमें उन्होंने कहा था कि, यह निर्णय पार्टी और प्रधानमंत्री मोदीजी लेंगे। फ़िलहाल मेरी ऐसी कोई महेच्छा नहीं है। लेकिन पार्टी और प्रधानमंत्री की जो भी अपेक्षा होगी वह पूरी करने का प्रयास करुंगी। 

बतादे कि, प्रधानमंत्री मोदी ने भी रविन्द्र और रिवाबा के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर ट्विटर पर शेर की थी। तभी से उनके भाजपा के साथ जुड़ने की अटकलें तेज हुई थी। रिवाबा के भाजपा में प्रवेश के बाद न सिर्फ जामनगर बल्कि पूरे सौराष्ट्र के राजकारण पर प्रभाव पड़ना निश्चित है। और आनेवाले लोकसभा चुनावों में भाजपा को इसका बड़ा फायदा मिलने की संभावना राजकीय पंडितों द्वारा जताई जा रही है। लेकिन रिवाबा के आने से कई दिग्गज नेताओं का कद घटने की भी संभावना है। जिसके चलते आंतरिक जूथवाद भड़कने की आशंका भी नकारी नहीं जा सकती है।

रिवाबा जडेजा का परिचय

रिवाबा अपने माता-पिता की एकमात्र संतान है। उन्होंने दिल्ही से मिकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। और सिविल सर्विसेज में कैरियर बनाना उनकी महेच्छा थी। जिसके चलते शादी से पहले वह यूपीएससी की तैयारी भी करते थे। रिवाबा को क्रिकेट में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। हालांकि रविन्द्र से शादी के बाद उन्हें क्रिकेट अच्छा लगने लगा है। गुजराती के साथ ही हिन्दी और अंग्रेजी भाषा पर भी रिवाबा का अच्छा प्रभुत्व है। 

पिछले कुछ समय से रिवाबा करणीसेना के महिला पंख की अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहीं है। ऐसे में वह चुनाव लड़ने और जितने के लिए वह सभी तरह से सक्षम है। और चुनाव के वक़्त नए चहरो को प्रवेश देकर उनसे चुनाव लड़वाना भाजपा की फितरत है। वर्तमान सांसद पूनम माडम को भी भाजपा में प्रवेश के साथ ही चुनावी मैदान में उतारा गया था। ऐसे में पिछले दो सालोंसे चर्चा में रहे रिवाबा से चुनाव लड़वाने की संभावना प्रबल है।