मेरान्यूज नेटवर्क.नई दिल्ली : कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सांसद निधि को लेकर 'गंभीर वित्तीय अनियमितताएं' बरतने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि इस मामले में स्मृति के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया जाए। कांग्रेस के इस आरोप पर फिलहाल स्मृति और बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ''मोदी जी और उनके करीबी करोड़ों से कम खाते नहीं और ईमानदार लोगों को चैन से रोटी खाने नहीं देते।'' एक जानकारी गुजरात में आणंद जिले के कलेक्टर के लिखे पत्र और कैग की जांचसे सामने आई है। जिसके अनुसार स्मृति ईरानी ने गांव को मिलने वाले पैसे खुद की जेब में डालने के लिए एक गांव गोद लिया था। गोहिल ने कहा, ''सांसद निधि को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन है कि आप कॉन्ट्रैक्ट किसी को भी दे सकते हैं। लेकिन क्रियान्वयन एजेंसी सरकार होती है।

स्मृतिजी ने फोन कर 'शारदा मजदूर कामदार सहकारी मंडली' नामक सहकारी संस्था को क्रियान्वयन का कॉन्ट्रैक्ट दिलवाया। गाइडलाइन के मुताबिक, 50 लाख रूपये से ज्यादा का किसी को कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया जा सकता। लेकिन स्मृति ईरानी ने करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट दिलवा दिया। और इस संस्था को करीब छह करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया है। गोहिल ने दावा किया कि कलेक्टर ने जांच कराई तो पाया कि काम कुछ नहीं हुआ, सिर्फ पैसा खाया गया। कैग ने इसका गंभीरता से संज्ञान लिया और रिकवरी की बात की है।

साथ ही गोहिल ने यह भी कहा ''चुनाव नजदीक है और अगर थोड़ी भी नैतिकता बची है तो स्मृति इस्तीफा दें। मोदी जी, थोड़ी अंतरात्मा जग जाए तो इन्हें बर्खास्त करें.पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 'गंभीर वित्तीय अनियमितता' के लिए स्मृति को बर्खास्त करने के साथ ही उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।