गांधीनगर: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुजरात के लघु, मध्यम और बड़े उद्योग प्राकृतिक गैस का अधिक उपयोग करें उस उद्देश्य से प्राकृतिक गैस का उपयोग करने वाले उद्योगों को प्रति स्टैंडर्ड घन मीटर (एससीएमडी) २.५० रुपए की राहत देने का निर्णय किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हुई बैठक में प्राकृतिक गैस की वर्तमान दरों की समीक्षा की गई थी।

बैठक में राज्य के उद्योगों में प्रदूषण मुक्त उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल करने वाली औद्योगिक इकाइयों को गैस की कीमत में राहत देने के मुख्यमंत्री के सुझाव के चलते यह घोषणा की गई है।

गौरतलब है कि समूचे भारत में फिलहाल ८,९१० उद्योग प्राकृतिक गैस का उपयोग करते हैं, जिसमें से ५० फीसदी से अधिक अर्थात ४,९०३ उद्योग तो सिर्फ गुजरात में हैं।

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इन उद्योगों को प्राकृतिक गैस की मौजूदा दरों में राहत देने से उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे राज्य की जनता को अधिक सस्ती दरों पर रोजमर्रा की चीज-वस्तुएं मिल सकेगी। कीमतों में कटौती के परिणामस्वरूप राज्य के अन्य उद्योग भी प्राकृतिक गैस का उपयोग करने को आकर्षित होंगे।

राज्य सरकार वातावरण में कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। उद्योगों द्वारा अभी उपयोग में लिए जा रहे फरनेस, कोयला, बिजली और डीजल जैसे अन्य ईंधन विकल्पों की तुलना में प्राकृतिक गैस अधिक सस्ती, स्वच्छ, सुरक्षित और निर्बाध रूप से मिलने वाला ईंधन है। 

स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त गुजरात के संकल्प के साथ राज्य में सीएनजी वाहन चालकों के साथ-साथ अधिकाधिक प्राकृतिक गैस आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह ही ‘सीएनजी सहभागी योजना’ के अंतर्गत आगामी दो वर्ष में पूरे राज्य में ३०० से अधिक सीएनजी स्टेशन स्थापित करने का ऐलान किया गया था।

अब प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए इंडस्ट्रीयल गैस की कीमतों में कमी का यह उपयुक्त निर्णय किया गया है।