मेरान्यूज नेटवर्क, अहमदाबाद (गुजरात): अहमदावाद के शहर कोटड़ा थाने के पुलिस इंस्पेक्टरने पुलिस के एक वॉट्सएप ग्रुप में बीती रात मेसेज लिखा की 'में अब इस अफसर से परेशान हो कर आत्महत्या कर लूंगा.' हाला की इस इंसपेक्टर को ऐसा क्यों लिखना पड़ा उसकी जांच करने पर चौंकानेवाला तथ्य बहार आया है

अहमदाबाद के शहर कोटड़ा थाने के पुलिस इंस्पेक्टर बी.डी, गमारने पुलिस ऑफिसर्स के वॉट्सऐप ग्रुप में बीती रात मेसेज किया की 'में डीसीपी से त्रस्त होकर आत्महत्या कर लूंगा. उस के बाद उन्होंने अहमदाबाद पुलिस कंट्रोल रूम में भी फोन कर के यही बात दोहराई. इस मेसेज से पुलिस अधिकारीओ में हड़कंप मचा गया. कुछ अफसर ने इंसपेक्टर गमार को फोन पर समझाने की कोशिश की लेकिन इंसपेक्टरने फोन स्विच ऑफ कर दिया.

सूत्रों की माने तो अहमदाबाद के डीसीपी संगाड़ाने इंस्पेक्टर गमार को सूचना दी थी की पुलिस स्टेशन में रंगरोगन करवाईए. जिस के बाद ये काम तो उन्होंने करवा दिया लेकिन जब उसके खर्च के 80 हजार रुपये कौन चुकाएगा उसकी बात आयी तो डीसीपीने कहा की उसका इंतजाम आप कर लो. इंस्पेक्टर गमार ने कहा 'में इतने रुपये कहाँ से लाऊ? मेरे इलाके में कोइ दो-नंबरी काम नहीं होते की उस से हप्ते मिले. इस के बाद गुस्से में इंस्पेक्टर छुट्टी पे चले गए थे. वापस नौकरी जोइन करने पर फिर से डीसीपी  संगाड़ाने इंस्पेक्टर गमार को बुलाया और प्राथमिकी की रिपोर्ट्स ऑनलाइन क्यों नहीं हो रही है? ऐसा पूछा. जिसके जवाब के में इंस्पेक्टर गमार ने कहाँ की इंटरनेट स्पीड का इश्यू है ऐसा कहा. जिस पर डीसीपी ने कहा की पर्सनल इंटरनेट का यूज करो. इस मामले में फिर प्रश्न खड़ा उहा की उसके पैसे कौन देगा? इस मामले में फिर से डीएसपी और इंस्पेक्टर के बीच तूतू-मेंमें हुई. जिस के बाद रात को परेशान इंस्पेक्टर गमार के वॉट्सऐप ग्रुप में लिखा 'में अब इस अफसर से परेशान होकर आत्महत्या कर लूंगा.'